Rural Development Course in 2024 ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम,समृद्ध ग्राम,समृद्ध भारत।

What is Rural Development Course. ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम क्या है ?

एम.ए ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम (M.A Rural Development Course ) दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (PG) है। यह पाठ्यक्रम ग्रामीण परिवेश में पाए जाने वाले आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टिकोण को समझने की स्वतंत्रता प्रदान करता है। एवं गाँव से जुड़े ग्रामीण समस्या,विकास,मुलभुत आवश्यकता, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला उत्थान, बाल विकास कार्यक्रम, स्वयं सहायता समूह, कृषि, पशुपाल, मुर्गी पालन, मछली पालन, बागवानी, आजीविका मिशन, ग्रामीण रोजगार, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाएँ, पंचायती राज्य एवं विभिन्न तथ्यों को विस्तार पूर्वक जानने एवं सभी कार्यों का निर्वहन व निष्पादन करने का अवसर प्रदान करता है।
Rural Development Course
Rural Development Course
ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम Rural Development Course का अध्ययन करने से ग्रामीण सभ्यता को जानने समझने लोगों की सामाजिक स्थिति को सुधारने एवं उन्हें रोजगार की नयी तकनीक के प्रति अग्रसर करने एवं आर्थिक रूप से संपन्न बनाने का अवसर भी प्रदान करता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए छात्र-छात्राओं का काफी रुझान ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम के प्रति होता जा रहा है।
यह पाठ्यक्रम पहले के प्रति अब और ज्यादा प्रसिद्ध होता जा रहा है,इसका एक मूलभूत कारण यह भी है हमारे देश की आधी से ज्यादा आबादी गाँव में निवास करती है,एवं किसी भी पार्टी की सरकार हो चाहे वो केंद्र में हो या राज्य, सभी सरकारें गाँव के विकास के लिए सदैव तत्पर एवं कंधे से कंधे मिलाकर खड़े हैं। सभी राजनैतिक पार्टी की विचारधारा अलग-अलग होने पर भी  ग्रामीण विकास के ऊपर सभी की नजर एकसमान बनी हुई रहती है। इसलिए इस क्षेत्र में रोजगार के भी विभिन्न और अनेकों अवसर उपलब्ध है। इसलिए ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम Rural Development Course छात्रों के लिए एक अलग मायने रखता है।

Eligibility Criteria For Rural Development Course. नामांकन हेतु योग्यता

जैसा की आपने ऊपर पढ़ा होगा ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम Rural Development Course मुख्य रूप से ग्रामीण समाज में पाए आने वाले सभी सामाजिक आर्थिक एवं विभिन्न  कार्यों से जुड़ा हुआ है। आइये अब हम जानते है ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम में नामांकन हेतु वो कौन सी निम्नलिखित योग्यता हैं जो होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार भारतीय या किसी भी देश का नागरिक हो एवं उसकी आयु सीमा 18 वर्ष से ऊपर होनी चाहिए।
  • किसी भी संकाय में मान्यता प्राप्त संस्थान अथवा विश्वविद्यालय से स्नातक या समकछ की उपाधि प्राप्त किया होना चाहिए।
  • कई संस्थानों द्वारा ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम में नामांकन हेतु प्रवेश परीक्षा आयोजित  किया जाता है। एवं कई संस्थान स्नातक या समकछ में प्राप्त किये गए अंकों के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करते हैं।
  • यह देखा गया है की प्रवेश परीक्षा के उपरांत उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया जाता है, जिसमे उम्मीदवारों में ग्रामीण समाज में काम करने की रुचि इस विषय के ऊपर उनकी नैतिक समझ एवं विभिन्न मूल्यों का आंकलन करने के बाद नामांकन की स्वीकृति दी जाती है।
ऊपर निम्नलिखित बताये गए नामांकन हेतु चयन प्रक्रिया में विभिन्न संस्थानों द्वारा इसी प्रकार से चयन प्रक्रिया आयोजित की जाती है। लेकिन कई संस्थानों की चयन प्रक्रिया में थोड़ा बदलाव संभव होता है। विस्तृत जानकारी उम्मीदवार जिस संस्थान अथवा विश्वविद्यालय में नामांकन चाहता है उस संस्थान से सीधे रूप से संपर्क अथवा आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से संपर्क कर सकता है।

Top Institution in India for Rural Development Course. भारत में ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम हेतु प्रतिष्ठित संस्थान।

इस  क्षेत्र में रोजगार के अवसर, छात्रों का ग्रामीण विकास के प्रति रुझान सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं के तरफ से चलाये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा इस पाठ्क्रम को एक अलग पहचान मिली है। जिसके प्रति छात्र एवं छात्राओं का आकर्षण इस पाठ्यक्रम के प्रति साफ देखा जा सकता है। वैसे तो बहुत से कॉलेजों,संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों द्वारा ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम Rural Development Course चलाया जा रहा है, परन्तु नीचे दिए गए निम्नलिखित संस्थान इस पाठ्यक्रम को दशकों से सफलतापूर्वक संपन्न कराते एवं छात्रों को रोजगार मुहैया करवाने में अपना अहम् योगदान देते आ रहे हैं, इसलिए ये संस्थान बाकी के संस्थानों की तुलना में अपनी एक अलग छवि निर्माण करता है।
Top Institution In India For Rural Development Course
[Note] टिप्पणी :- Rural Development Course ऊपर दिए गए विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों की सूची,व्यवस्थित क्रम संख्या केवल जानकारी के लिए दी गयी है। क्रम संख्या किसी भी संस्थान की रैंकिंग को नहीं दर्शाता है।

Distance Learning. दूरस्थ शिक्षा

बहुत से उम्मीदवार एवं छात्र किसी पारिवारिक,निजी एवं अन्य कारणों की वजह से सामान्य पाठ्यक्रम में नामांकन नहीं करा सकते हैं, उनके लिए दूरस्थ शिक्षा पद्दति बहुत उपयोगी हो सकता है। दूरस्थ शिक्षा पद्दति में कॉलेज जाने की आवश्यकता नहीं होती है। दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से ऑनलाइन,साप्ताहिक क्लॉस एवं विशेष पाठ्यक्रम शिविर में हिस्सा लेकर उम्मीदवार ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम Rural Development Course को सफलतापूर्वक अध्ययन कर सकता है एवं अपने पाठ्यक्रम को पूरा भी कर सकता है।
दूरस्थ शिक्षा के लिए उम्मीदवार :- (1) इंदिरा गाँधी राष्टीय मुक्त विश्वविद्यालय (2) नालंदा ओपन विश्विद्यालय एवं अन्य संस्थान जो दूरस्थ शिक्षा पद्दति के पाठ्यक्रम चलाने योग्य एवं सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हों वहाँ से वे अपना ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम को पूरा कर सकते हैं।
इंदिरा गाँधी राष्टीय मुक्त विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम शुल्क एवं नामांकन हेतु जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।

Course Duration. पाठ्यक्रम अवधि

लगभग सभी विश्विद्यालयों एवं कॉलेजों में Rural Development Course ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम दो वर्षीय होता है, जो की स्नातक के बाद किया जाता है यह एक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम है कई संस्थान छात्र -छात्राओं को ग्रामीण क्षेत्रीय कार्य के लिए ले जाया करते है, जो की 15 से 30 दिनों अथवा उससे ज्यादा का भी हो सकता है यह उस संस्थान पर निर्भर करता है।

Syllabus. पाठ्यविवरण

ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम Rural Development Course दो वर्षीय ( 2 Year ) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम होने के साथ-साथ यह 4  भागों में विभाजित है। लेकिन जरुरी नहीं है की सभी संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों की पाठ्यक्रम रूपरेखा एकसमान हो कई संस्थान वार्षिक परीक्षा का आयोजन भी करते है। आगे हम जानेंगे इस पाठ्यक्रम में मुख्यता कौन-कौन से विषय सम्मिलित होते हैं।
  • ग्रामीण विकास
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था
  • मनरेगा
  • सामजिक कार्य
  • जाति व्यवस्था
  • ग्रामीण रोजगार
  • पंचायती राज्य अधिनियम
  • कृषि एवं जैविक खेती
  • पर्यावरण विज्ञानं
  • बागवानी
  • पशुपालन
  • मुर्गी पालन
  • मतस्य पालन
  • जल एवं मृदा संरक्षण और प्रबंधन
  • स्वयं सहायता समूह
  • सरकारी संस्थान एवं उनकी भूमिका
  • गैर सरकारी सामजिक संस्था एवं उनकी भूमिका
  • केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाएँ
ऊपर दिए गए निम्नलिखित विषयों एवं इन विषयों के अलावा भी अन्य विषयों से सम्बंधित विस्तृत जानकारी हमें इस पाठ्यक्रम में सीखने का मौका मिलता है।
Note टिपण्णी :- Rural Development Course पाठ्यविवरण की विस्तृत एवं सम्पूर्ण जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं। आपकी सहायता करने में हमें खुशी होगी।

Fee Structure. पाठ्यक्रम शुल्क Rural Development Course

इस पाठ्यक्रम के लिए शुल्क निर्धारण संस्थान अपने अनुसार करते हैं। वह पाठ्यक्रम में गुणवत्ता एवं अन्य क्षेत्रीय कार्यों से सम्बंधित दिए जाने वाले सुविधा के अनुरूप पाठ्यक्रम शुल्क तय करते हैं। इसलिए सभी विश्विद्यालयों, एवं कॉलेजों में अलग-अलग पाठ्यक्रम शुल्क लागू हैं। सामान्यता भारत के सभी नियमित प्रतिष्ठित संस्थानों में 12500 से 55000 सालाना वार्षिक शुल्क लागू हैं। वहीँ दूरस्थ शिक्षा पाठ्यक्रम में शुल्क दर 2850 से 5500 वार्षिक है। इसके अलावा पंजीयकरण शुल्क, परीक्षा शुल्क, क्षेत्रीय कार्य शुल्क अलग से लिया जा सकता है, यह पूर्ण रूप से संस्थान के ऊपर निर्भर करता है।

Job Opportunity. रोजगार के अवसर

Rural Development Course इस क्षेत्र में अत्यधिक एवं अनेकों श्रेणियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध रहते हैं। जैसे :- खंड विकास पदाधिकारी, ग्रामीण विकास पदाधिकारी, पंचायत सचिव, पंचायत अधिकारी, ग्रामीण कल्याण अधिकारी, परियोजना समन्वयक, सरकारी एवं गैर सरकारी संस्था द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन करने हेतु प्रबंधक इत्यादि ग्रामीण परियोजना की विभिन्न शाखाओं में रोजगार के अनेकों अवसर उपलब्ध हैं।
इसे भी पढ़ें बकरी पालन कैसे करें ?

Top Recruiters. मुख्य भर्तीकर्ता संगठन

सरकारी संस्थान (Government Organization), विश्व स्वास्थय संगठन (WHO), केयर (CARE), यूनिसेफ (UNICEF), यु.एन.डी.पी (U.N.D.P), युनेस्को (UNESCO), सामाजिक संगठन (NGO’S), सी.एस.आर(CSR) इत्यादि।

 

 

 

 

2 thoughts on “Rural Development Course in 2024 ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम,समृद्ध ग्राम,समृद्ध भारत।”

Leave a Comment